अमृता से संवाद

Vedamrita

जो कोई प्रेम से एक पत्ता, एक फूल या पानी की एक बूंद भी अर्पित करता है — भगवान उसे सबसे बड़ा उपहार मानकर स्वीकार करते हैं।

अमृता लिख रही है